झांसी न्यूज डेस्क: झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र की पॉश कॉलोनी सरयू विहार में पुलिस ने एक ऐसे फर्जी मैरिज कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जो शादी के नाम पर अधेड़ उम्र के लोगों को अपना शिकार बना रहा था। 'शगुन मैरिज कॉल सेंटर' नाम से चल रहे इस गोरखधंधे में 18 से 20 साल की 17 लड़कियों को महज 5-5 हजार रुपये की सैलरी पर रखा गया था, जो ग्राहकों को अपनी बातों के जाल में फंसाती थीं।
ठगी का पूरा "मॉडल":
टारगेट: गिरोह के पास 50 साल के आसपास के ऐसे पुरुषों का डेटा रहता था जो शादी करने के इच्छुक थे।
झांसा: कॉल सेंटर की लड़कियां इन पुरुषों को कॉल कर शादी के सपने दिखाती थीं और उन्हें युवतियों के फोटो एल्बम और बायोडाटा भेजती थीं।
भरोसा जीतना: लोगों का विश्वास जीतने के लिए यही लड़कियां खुद 'संभावित दुल्हन' बनकर वीडियो कॉल पर बात करती थीं।
वसूली: रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर शुरुआत होती थी और फिर धीरे-धीरे अन्य शुल्कों के बहाने 1,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूले जाते थे।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी:
सहायक पुलिस अधीक्षक अरीबा नोमान के नेतृत्व में सीपरी बाजार और साइबर थाने की टीम ने इस सेंटर पर छापा मारा। पुलिस ने मौके से महिला मैनेजर हिना कौशर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सरगना नीतू प्रजापति और उसका साथी सतीश फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस ने मौके से:
28 मोबाइल, 7 कंप्यूटर, 1 टैबलेट और क्यूआर कोड सिस्टम बरामद किया है।
गिरोह के 9 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है।
610 लोग बने शिकार:
जांच में सामने आया है कि पिछले एक साल में इस गिरोह ने झांसी, ललितपुर, कानपुर और हमीरपुर समेत देशभर के लगभग 610 लोगों से 40 लाख रुपये की ठगी की है। ठगे गए लोगों में कई सरकारी कर्मचारी और अफसर भी शामिल हैं।
लड़कियों का रेस्क्यू:
पुलिस ने पाया कि काम करने वाली 17 लड़कियां बेहद गरीब परिवारों से थीं और उन्हें इस फ्रॉड की गहराई का अंदाजा नहीं था। मानवीय आधार पर पुलिस ने इन सभी लड़कियों की काउंसलिंग की और उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस अब फरार मुख्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।